1 मार्च 2025 पंचांग तिथि, नक्षत्र, योग और शुभ मुहूर्त की जानकारी

1 मार्च 2025 पंचांग: तिथि, नक्षत्र, योग और शुभ मुहूर्त की जानकारी

1 मार्च 2025: तिथि, नक्षत्र, योग और शुभ मुहूर्त की जानकारी

1 मार्च 2025 शनिवार का पंचांग

भारतीय पंचांग के अनुसार, 1 मार्च 2025, शनिवार का दिन विशेष महत्व रखता है। इस दिन फुलेरा दूज, रामकृष्ण जयंती और चंद्र दर्शन जैसे शुभ अवसर पड़ रहे हैं। आइए जानते हैं इस दिन के शुभ-अशुभ मुहूर्त, तिथि, नक्षत्र और अन्य महत्वपूर्ण ज्योतिषीय पहलू।

विक्रम संवत एवं शक संवत

  • विक्रम संवत: 2081 (पिंगल)
  • शक संवत: 1946 (क्रोधी)
  • पूर्णिमांत माह: फाल्गुन
  • अमांत माह: फाल्गुन

तिथि

  • शुक्ल पक्ष द्वितीया: 1 मार्च 03:16 AM – 2 मार्च 12:09 AM
  • शुक्ल पक्ष तृतीया: 2 मार्च 12:09 AM – 2 मार्च 09:02 PM

नक्षत्र

  • पूर्वभाद्रपदा: 28 फरवरी 01:40 PM – 1 मार्च 11:22 AM
  • उत्तराभाद्रपदा: 1 मार्च 11:22 AM – 2 मार्च 08:59 AM

करण

  • बालव: 1 मार्च 03:16 AM – 1 मार्च 01:43 PM
  • कौलव: 1 मार्च 01:43 PM – 2 मार्च 12:09 AM
  • तैतिल: 2 मार्च 12:09 AM – 2 मार्च 10:35 AM

योग

  • साध्य योग: 28 फरवरी 08:07 PM – 1 मार्च 04:24 PM
  • शुभ योग: 1 मार्च 04:24 PM – 2 मार्च 12:39 PM

वार

  • शनिवार

पर्व एवं व्रत

  • रामकृष्ण जयंती
  • फुलेरा दूज
  • चंद्र दर्शन

सूर्य और चंद्रमा का समय

  • सूर्योदय: 6:52 AM
  • सूर्यास्त: 6:26 PM
  • चंद्रोदय: 1 मार्च 07:37 AM
  • चंद्रास्त: 1 मार्च 08:00 PM

अशुभ काल

  • राहु काल: 9:45 AM – 11:12 AM
  • यमगंड काल: 2:05 PM – 3:32 PM
  • गुलिक काल: 6:52 AM – 8:18 AM
  • दुर्मुहूर्त: 08:24 AM – 09:10 AM
  • वर्ज्यम्: 08:00 PM – 09:26 PM

शुभ मुहूर्त

  • अभिजीत मुहूर्त: 12:15 PM – 01:02 PM
  • अमृत काल: 04:39 AM – 06:06 AM
  • ब्रह्म मुहूर्त: 05:15 AM – 06:03 AM

आनंदादि योग

  • काल (कालडंड) योग: 11:22 AM तक
  • धूम्र योग

सूर्य और चंद्रमा की स्थिति

  • सूर्य राशि: कुम्भ (Aquarius)
  • चंद्रमा राशि: मीन (Pisces)

चंद्र मास

  • अमांत: फाल्गुन
  • पूर्णिमांत: फाल्गुन
  • शक संवत (राष्ट्रीय कैलेंडर): फाल्गुन 10, 1946

ऋतु

  • वैदिक ऋतु: शिशिर (Winter)
  • द्रिक ऋतु: वसंत (Spring)

विशेष योग

  • त्रिपुष्कर योग: 1 मार्च 06:52 AM – 1 मार्च 11:22 AM (पूर्वभाद्रपदा, शनिवार और शुक्ल द्वितीया)
  • सर्वार्थ सिद्धि योग: 2 मार्च 06:51 AM – 2 मार्च 08:59 AM (उत्तराभाद्रपदा और रविवार)

चंद्राष्टम

  • मघा, पूर्वाफाल्गुनी, उत्तराफाल्गुनी (पहला चरण)

निष्कर्ष:

1 मार्च 2025 का दिन धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। इस दिन फुलेरा दूज का पर्व आता है, जिसे होली के शुभारंभ का प्रतीक माना जाता है। साथ ही, रामकृष्ण जयंती और चंद्र दर्शन का भी विशेष महत्व है। शुभ योगों और मुहूर्तों का ध्यान रखते हुए इस दिन का अधिकतम लाभ उठाया जा सकता है।

यदि आप किसी विशेष कार्य के लिए शुभ मुहूर्त देख रहे हैं, तो अभिजीत मुहूर्त और अन्य शुभ योगों का पालन करें।


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