5 मार्च 2025 बुधवार का पंचांग: जानें शुभ मुहूर्त, राहुकाल और व्रत त्योहारों की जानकारी

5 मार्च 2025 बुधवार का पंचांग: जानें शुभ मुहूर्त, राहुकाल और व्रत त्योहारों की जानकारी

5 मार्च 2025 बुधवार का पंचांग: जानें शुभ मुहूर्त, राहुकाल और व्रत त्योहारों की जानकारी

पंचांग 5 मार्च 2025 बुधवार

विक्रम संवत – 2081, पिंगल
शक सम्वत – 1946, क्रोधी
पूर्णिमांत – फाल्गुन
अमांत – फाल्गुन

तिथि:

  • शुक्ल पक्ष षष्ठी – 4 मार्च 03:16 PM से 5 मार्च 12:51 PM तक
  • शुक्ल पक्ष सप्तमी – 5 मार्च 12:51 PM से 6 मार्च 10:51 AM तक

नक्षत्र:

  • कृत्तिका – 5 मार्च 02:37 AM से 6 मार्च 01:08 AM तक
  • रोहिणी – 6 मार्च 01:08 AM से 7 मार्च 12:05 AM तक

करण:

  • तैतिल – 5 मार्च 02:01 AM से 5 मार्च 12:51 PM तक
  • गर – 5 मार्च 12:51 PM से 5 मार्च 11:48 PM तक
  • वणिज – 5 मार्च 11:48 PM से 6 मार्च 10:51 AM तक

योग:

  • वैधृति – 5 मार्च 02:06 AM से 5 मार्च 11:07 PM तक
  • विष्कुम्भ – 5 मार्च 11:07 PM से 6 मार्च 08:29 PM तक

वार:

  • बुधवार

व्रत और त्योहार:

  • षष्ठी व्रत

सूर्य और चंद्रमा का समय:

  • सूर्योदय – 6:48 AM
  • सूर्यास्त – 6:27 PM
  • चन्द्रोदय – 5 मार्च 10:19 AM
  • चन्द्रास्त – 6 मार्च 12:21 AM

अशुभ काल:

  • राहु काल – 12:38 PM – 2:05 PM
  • यम गण्ड – 8:16 AM – 9:43 AM
  • गुलिक काल – 11:10 AM – 12:38 PM
  • दुर्मुहूर्त – 12:15 PM – 01:01 PM
  • वर्ज्यम् – 01:52 PM – 03:22 PM

शुभ काल:

  • अभिजीत मुहूर्त – उपलब्ध नहीं
  • अमृत काल – 10:52 PM – 12:22 AM
  • ब्रह्म मुहूर्त – 05:11 AM – 05:59 AM

आनंदादि योग:

  • सिद्धि – 1:08 AM तक
  • शुभ – इसके बाद

सूर्य राशि:

  • सूर्य कुंभ राशि पर है

चंद्र राशि:

  • चंद्रमा 5 मार्च, 08:13 AM तक मेष राशि में रहेगा, उसके बाद वृषभ राशि में प्रवेश करेगा

चंद्र मास:

  • अमांत – फाल्गुन
  • पूर्णिमांत – फाल्गुन
  • शक संवत (राष्ट्रीय कैलेंडर) – फाल्गुन 14, 1946

ऋतु:

  • वैदिक ऋतु – शिशिर
  • द्रिक ऋतु – वसंत

शुभ योग:

  • सर्वार्थसिद्धि योग – 6 मार्च 01:08 AM – 6 मार्च 06:47 AM (रोहिणी नक्षत्र और बुधवार)
  • सर्वार्थसिद्धि योग – 5 मार्च 02:37 AM – 6 मार्च 01:08 AM (कृत्तिका नक्षत्र और मंगलवार)

चंद्राष्टमा:

  • उत्तराफाल्गुनी अंतिम 3 चरण, हस्त, चित्रा पहले 2 चरण

यह पंचांग आपके दिन को बेहतर और शुभ बनाने में मदद करेगा। सभी शुभ कार्यों के लिए शुभ मुहूर्त का ध्यान रखें और अशुभ समय से बचें।


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