हर साल लाखों करदाता अपना Income Tax Return (ITR) भरते हैं और रिफंड का इंतज़ार करते हैं। लेकिन इस बार बहुत से लोगों को ITR Refund Delays का सामना करना पड़ रहा है। सोशल मीडिया पर लगातार शिकायतें आ रही हैं कि महीनों बीत जाने के बाद भी रिफंड की प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है। ऐसे में सवाल उठता हैआख़िर रिफंड में देरी क्यों हो रही है?, क्या इसकी कोई विशेष वजह है?, और करदाता इसे कैसे तेज कर सकते हैं?
यह लेख आपको ITR रिफंड में होने वाली देरी की सभी संभावित वजहों, समाधान और महत्वपूर्ण टिप्स के बारे में विस्तार से बताएगा।
ITR Refund क्या होता है?
जब आपकी आय पर कटने वाला टैक्स आपकी वास्तविक देनदारी से अधिक होता है, तो सरकार वह अतिरिक्त राशि वापस करती है। इसे ही ITR Refund कहा जाता है। यह राशि सीधे बैंक खाते में आती है, लेकिन कई बार प्रक्रिया में समय लग जाता है।
2025 में ITR Refund Delays क्यों हो रहे हैं?
नीचे वे प्रमुख कारण दिए गए हैं जो इस साल रिफंड लेट होने के पीछे जिम्मेदार हैं
1. Return Processing में बढ़ी भीड़
जैसे-जैसे अंतिम तारीख पास आती गई, लाखों लोगों ने एक साथ रिटर्न फाइल किया।
IT विभाग को सभी रिटर्न E-verification, 26AS मिलान, AIS/TIS डेटा और अन्य दस्तावेज़ों से जांचने में समय लगता है।
इस भारी लोड की वजह से ITR Refund Delays हो रहे हैं।
2. ITR का गलत या अपूर्ण डेटा
यदि रिटर्न में नीचे दिए गए किसी भी डेटा में गलती है, तो आपका रिफंड रुका रह सकता है
- बैंक खाता नॉन-प्राइमैरी
- IFSC कोड गलत
- नाम PAN से मैच न होना
- TDS mismatch
- AIS/TIS में अंतर
ऐसी स्थिति में रिफंड रोका जाता है और फाइल की मैनुअल जांच शुरू होती है।
3. E-Verification नहीं किया गया
यदि आपके ऊपर पिछले वर्ष की
- कोई बकाया टैक्स डिमांड,
- कोई स्क्रूटनी,
- कोई रेक्टिफिकेशन रिक्वेस्ट
लंबित है, तो इस साल का रिफंड रुक सकता है।
5. बैंक खाता प्री-वैलिडेट नहीं
IT विभाग केवल उसी बैंक खाते में रिफंड भेजता है जो
- प्री-वैलिडेट (Pre-validated) हो
- ई-सक्षम (ECS enabled) हो
- PAN से लिंक्ड हो
बहुत से करदाता ने बैंक खाता अपडेट नहीं किया, जिससे रिफंड अटक गया।
6. AIS/TIS में mismatch
2025 में IT विभाग अपनी पूरी प्रोसेस AI-based automated verification पर चला चुका है।
यदि आपके AIS (Annual Information Statement) या TIS में
- जमीन/जायदाद लेनदेन
- शेयर खरीद/बिक्री
- बैंक ब्याज
- फिक्स्ड डिपॉज़िट
- क्रेडिट कार्ड खर्च
का कोई mismatch दिखता है, तो आपका रिफंड hold पर चला जाता है।
ITR Refund Delays को कैसे ठीक करें?
यदि आपको भी रिफंड नहीं मिला है, तो नीचे दिए गए समाधान तुरंत अपनाएं
1. ITR Status जांचें
Income Tax Portal पर लॉगिन करें और जाएं:
My Account → View ITR Status
यहां आपको पता चलेगा
- Return verified हुआ या नहीं
- Return processed है या नहीं
- Refund issued या failed
2. Refund Tracking देखें
रिफंड स्टेटस जांचने के लिए NSDL/TIN पर जाएं
Services → Refund Tracking
यहां बैंकिंग एरर का भी कारण दिखाई देगा।
3. बैंक खाता प्री-वैलिडेट करें
यदि आपका बैंक खाता validate नहीं है, तो तुरंत
Profile → My Bank Account → Pre-validate
पर जाकर ठीक करें।
4. E-Verification करें
यदि E-verification नहीं हुआ है, तो इसे
- आधार OTP
- नेट बैंकिंग
- डीमैट
- बैंक अकाउंट
के जरिए तुरंत पूरा करें।
5. Rectification Filed करें
यदि रिफंड TDS mismatch के कारण रुका है, तो करें
e-File → Rectification → Reprocess Return
6. CPC को Grievance दर्ज करें
IT विभाग की शिकायत प्रणाली में जाएं
e-Nivaran → Lodge Grievance
यह 5–7 दिनों में परिणाम देता है।
रिफंड जल्दी कैसे मिले? 2025 के लिए जरूरी टिप्स
- ITR समय पर भरें
- AIS/TIS को फाइलिंग से पहले चेक करें
- बैंक खाता अपडेट रखें
- 26AS में TDS mismatch न हो
- केवल primary bank account चुनें
- e-verification तुरन्त करें
इन टिप्स से अगली बार आपका रिफंड 7–15 दिनों में मिल जाएगा।
क्या ITR Refund Delays से करदाताओं को नुकसान होता है?
हाँ! यदि आपका रिफंड लंबे समय तक अटका रहता है, तो
- आपकी वित्तीय योजना प्रभावित होती है
- टैक्स से मिलने वाला ब्याज रुक जाता है
- नया निवेश टल जाता है
- mental stress बढ़ता है
इसी वजह से सरकार इस बार AI मॉनिटरिंग के जरिए रिफंड तेजी से रिलीज करने पर काम कर रही है।
निष्कर्ष
2025 में बहुत से करदाता ITR Refund Delays से परेशान हैं, लेकिन ज्यादातर मामलों की वजह डेटा mismatch, AIS/TIS समस्या और बैंक वेरिफिकेशन है।
यदि आप ऊपर बताए गए सभी उपाय अपनाते हैं, तो आपका रिफंड जल्दी जारी हो सकता है।
सरकार की AI आधारित प्रोसेसिंग व्यवस्था की वजह से आने वाले समय में रिफंड प्रोसेस और तेज होने की उम्मीद है।
